
नई दिल्ली: भारत और वेनेजुएला के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति, सुश्री डेल्सी रोड्रिगेज (H.E. Ms. Delcy Rodríguez) ने आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से औपचारिक मुलाकात की। यह उच्च-स्तरीय बैठक द्विपक्षीय संबंधों को न केवल नई दिशा देगी, बल्कि वैश्विक स्तर पर ग्लोबल साउथ के सहयोग को भी मजबूत करेगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यवाहक राष्ट्रपति के इस दौरे पर हार्दिक स्वागत करते हुए इसे दोनों देशों के लिए एक नए अवसर के रूप में चिह्नित किया। इस दौरान दोनों नेताओं ने कई अहम मुद्दों पर व्यापक चर्चा की।
किन क्षेत्रों पर हुआ जोर?
यह बैठक सिर्फ औपचारिकता भर नहीं रही, बल्कि इसमें ठोस सहयोग की रूपरेखा तैयार हुई। चर्चा के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
- ऊर्जा (Energy): दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग को बढ़ाने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। वेनेजुएला, तेल के विशाल भंडार के लिए जाना जाता है, जबकि भारत एक बड़ा ऊर्जा उपभोक्ता है।
- गंभीर खनिज (Critical Minerals): भविष्य की प्रौद्योगिकियों और रक्षा क्षेत्र के लिए आवश्यक गंभीर खनिजों के क्षेत्र में सहयोग को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
- प्रौद्योगिकी (Technology): तकनीकी क्षेत्र में साझेदारी को विस्तार देने पर सहमति बनी।
- कृषि (Agriculture) और स्वास्थ्य (Health): खाद्य सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में आपसी सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर विचार-विमर्श किया गया।
- लोगों के बीच संपर्क (People-to-People Ties): आपसी सांस्कृतिक आदान-प्रदान और नागरिकों के बीच संपर्क को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।
ग्लोबल साउथ पर विशेष जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने इस मौके पर वेनेजुएला को लैटिन अमेरिका में भारत का एक ‘मूल्यवान साझेदार’ (Valued Partner) बताया। उन्होंने कहा, “ग्लोबल साउथ के लिए वेनेजुएला के साथ हमारा घनिष्ठ सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है।” उनका यह वक्तव्य विकासशील देशों की आवाज को वैश्विक मंच पर मजबूत करने की भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
इस बैठक के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर प्रधानमंत्री ने पोस्ट करते हुए लिखा:
“वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति, सुश्री डेल्सी रोड्रिगेज से मिलकर खुशी हुई। ऊर्जा, गंभीर खनिज, प्रौद्योगिकी, कृषि, स्वास्थ्य और लोगों के बीच संपर्क में अपने सहयोग का विस्तार करने पर हमारे बीच व्यापक चर्चा हुई।”
दोनों देशों के लिए विन-विन स्थिति
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने विश्वास दिलाया कि दोनों देश दोनों राष्ट्रों के लोगों के आपसी लाभ के लिए मिलकर काम करना जारी रखेंगे। यह साझेदारी न केवल भारत के लिए ऊर्जा सुरक्षा और नए बाजारों के द्वार खोलेगी, बल्कि वेनेजुएला के आर्थिक पुनर्निर्माण में भी सहायक सिद्ध होगी।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री मोदी और कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज के बीच हुई यह बैठक भारत की विदेश नीति में लैटिन अमेरिका को दिए जा रही बढ़ती प्राथमिकता का प्रमाण है। यह मुलाकात भविष्य में दोनों देशों के बीच ठोस सौदों और समझौतों की आधारशिला रखती है।
सोर्स: पीआईबी (प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो), प्राइम मिनिस्टर’स ऑफिस, रिलीज आईडी: 2269100




